कालसर्प की पूजा
यह पूजा 21 मई 2022 सुबह से शुरू करना है, पहले दिए गए कालसर्प यंत्र को गंगाजल से धोकर शुद्ध कर ले फिर उसे साफ वस्त्र से पोछकर पूजा घर में रखें उसके बाद यंत्र पर सिंदूर बुक्का अक्षत और सफेद चावल चढ़ाएं उसके बाद यंत्र के ऊपर सफेद फूल चढ़ाएं उसके बाद नीचे दिए गए सभी मंत्रों का जाप करें यह पूजा हर शनिवार को करनी है अगर संभव हो सके तो पांच शनिवार एक कटोरी तिल के तेल का दान करें
ॐ गं गणपतये नमः।। (5 times)
ॐ कें केतवे नम:।।(21 times)
ॐ रां राहवे नमः ।।21 times)
ॐ शं शनैश्चराय नमः।।21 times)
ॐ श्रीराम दुतम शरणं प्रपद्ये।। (21 times)
ॐ श्री कालभैरवाय नमः (21 times)
नवनाग स्तोत्र(5 times)
अनंतं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कंबलं ।
शंखपालं धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा ।।
एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम् ।
सायंकाले पठेन्नित्यं प्रातःकाले विशेषतः।।
तस्य विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत् ।।
।ll इति श्री नवनागस्त्रोत्रं सम्पूर्णं ll
कालसर्प की पूजा
यह पूजा 21 मई 2022 सुबह से शुरू करना है, पहले दिए गए कालसर्प यंत्र को गंगाजल से धोकर शुद्ध कर ले फिर उसे साफ वस्त्र से पोछकर पूजा घर में रखें उसके बाद यंत्र पर सिंदूर बुक्का अक्षत और सफेद चावल चढ़ाएं उसके बाद यंत्र के ऊपर सफेद फूल चढ़ाएं उसके बाद नीचे दिए गए सभी मंत्रों का जाप करें यह पूजा हर शनिवार को करनी है अगर संभव हो सके तो पांच शनिवार एक कटोरी तिल के तेल का दान करें
ॐ गं गणपतये नमः।। (5 times)
ॐ कें केतवे नम:।।(21 times)
ॐ रां राहवे नमः ।।21 times)
ॐ शं शनैश्चराय नमः।।21 times)
ॐ श्रीराम दुतम शरणं प्रपद्ये।। (21 times)
ॐ श्री कालभैरवाय नमः (21 times)
नवनाग स्तोत्र(5 times)
अनंतं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कंबलं ।
शंखपालं धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा ।।
एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम् ।
सायंकाले पठेन्नित्यं प्रातःकाले विशेषतः।।
तस्य विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत् ।।
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